बिजनौर। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रद्युम्न कुमार मिश्रा ने चेक बाउंस के मामले में बख्तियार हुसैन को एक वर्ष छह माह की सजा व छह लाख के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की राशि वसूल होने पर पांच लाख 80 हजार रुपए की राशि शकीरा को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
नजीबाबाद के मोहल्ला हर्षवाड़ा निवासी मोहम्मद शाकिर ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा था कि बख्तियार हुसैन निवासी किरतपुर एवं उसके साथियों ने शाकिर व उसके भाई की कृषि भूमि का बैनामा 18 जून 2019 को पंजीकृत कराया। परिवादी शाकिर के हिस्से की भूमि की धनराशि चार लाख 59 हजार रुपये की धनराशि का चेक परिवादी को दिया। इस चेक का उल्लेख बैनामा में भी किया गया। परिवादी ने चेक को भुगतान के लिए जब प्रस्तुत किया तो खाते में धनराशि न होने के कारण 26 अगस्त को यह चेक बाउंस हो गया। कोर्ट ने बख्तियार हुसैन को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
एक अन्य मामले में भी चेक बाउंस के मामले में दोषी पाते हुए मुनेंद्र को एक वर्ष के कारावास व दो लाख 15 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माने की धनराशि में से दो लाख पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादी सुरेश सिंह को दिए जाने के आदेश दिए हैं। परिवादी सुरेश सिंह की ओर से दाखिल परिवाद में कहा गया था कि उसने उसके मित्र प्रकाश वीर ने मुनेंद्र के साथ वाटर मिनरल का प्लांट लगाया था और उसका संयुक्त खाता खुलवाया था। मुनेंद्र ने उससे दो लाख रुपए उधार लिए थे। उनके साथ धोखाधड़ी की थी जिसका मुकदमा उसने पंजीकृत कराया था। उसने मुकदमे में सुलह कर ली गई थी और सुलह के आधार पर 150000 रुपए का चेक मुनेंद्र ने परिवादी सुरेश को दिया था, जो बाउंस हो गया। कोर्ट ने मुनेंद्र को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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